पैरोडी

हम हाजिर हैं, कॉलेज की सजा पाने को..
कोई टेस्टों से न मारे, कलम के दिवाने को|

असाइनमेन्ट लिख लेने दो, न तंगाओ लोगो
अरे इंगलिश में दिक्कत है, सर को समझाओ लोगो|

अरे इतिहास भी खावे, पालीटी समझ न आवे|
अब तो चिन्तन से निपटना है,निपट जाने दो|
कोई टेस्टों से न मारे, कलम के दिवाने को|

अरे जलुओं की छटा है, जो सब कुछ बैगाना हुआ|
आई.ई.एच.ई. के सितम को जमाना हुआ|
 
अरे कोई तो लिखवा दो,या कापी पूरी करा दो|
टेस्ट टलवा दो, चाहे समय बढ़वा दो|
अरे टेस्ट टलवाने दो ,या समय बढ़ जाने दो|
अरे कोई टेस्टों से न मारे,कलम के दिवाने को|

दुर्गेश कुमार सराठे

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