मध्य रात को नींद खुली तब आँखें खिड़की पर झूल गयीं जब खिड़की से चाँद दिखा तो मन में बिजली सी कौंध गयीं कमरे में बड़ा अंधेरा था पर महताबी बर्षा से चकाचौंध भयीं सायद याद किया थ...
जब वाणी मौन औढ़ लेगी जिह्वा हिल ना पायेगी उर की धड़कन मद्धम होगी सांसो की बेल उखड़ जायेगी जीवन मुझे थका देगा तब मृत्यु माँ मुझे सुलाने आयेगी फिर क्या मुझे कोई याद करेगा जब ...
वाट्सएप फेसबुक पर ,देखो आजकल| हंस का चोला पहने ,आये छलैया| जित देखो उत,वाट्सएप पर डीपी| मेरे पापा, मेरा दोस्त, मेरी मैया| छोटा सा काम ,किया न हो दोस्त का, वे पीटत याराना ढोल,नाटच ता...
जब जिव्हा मौन औढ़ लेती है वाणी भी कुछ न कहती है धड़कन स्थिर सी हो जाती है मन की गति सिथिल न हो पाती है तब विचारों की धारा एक निकल कलम से कागज तक आती है स्वतः कविता लिख जाती है मन ...
कल जब मेरे साथ एक दुर्घटना घटते घटते रह गई.. और मृत्यु से निकटता के साथ एक मिलन सा रहा.. सायद मेरे अपनों का आशीर्वाद था जिसके कारण में आज सही सलामत हूँ.... पर इस घटना से में बुरी तरह घ...
प्रतः काल का देख नजारा आँखों में हर्ष तनिक न आया सूरज की लालिमा को भी मेरा मन कुछ समझ न पाया ओस की बूँदे श्वेत मकोड़ो सी पौधों की डाली पर ऐंठी है प्रकृति आज लगत है मौन औढ़ कर बै...
हम हाजिर हैं, कॉलेज की सजा पाने को.. कोई टेस्टों से न मारे, कलम के दिवाने को| असाइनमेन्ट लिख लेने दो, न तंगाओ लोगो अरे इंगलिश में दिक्कत है, सर को समझाओ लोगो| अरे इतिहास भी खावे, पा...
ए भगवान मेरे, तू, बता तो,ए सही, लोगों का, ऐसा क्यों, अंजाम होता है| जो चलता,प्रेम की ,इस राह पर भगवन वह क्यों बदनाम होता है| 2 प्रेम के बदले में,उसे धुतकारती दुनिया| दुनिया के तिमिर तम ...