ए भगवान मेरे

ए भगवान मेरे,
तू, बता तो,ए सही,
लोगों का, ऐसा क्यों, अंजाम होता है|
जो चलता,प्रेम की ,इस राह पर भगवन
वह क्यों बदनाम होता है| 2

प्रेम के बदले में,उसे धुतकारती दुनिया|
दुनिया के तिमिर तम में,
वह क्यों गुमनाम होता है|2

ए भगवान मेरे,
तू बता तो ए सही,
लोगों का,ऐसा क्यों,अंजाम होता है|
जो चले जाते हैं दुनिया से,
उनका बस, हौठौं पे, नाम होता है,
बस एक नाम होता है|

जिसे हम चाहते दिल से,
उसका हमसे, कोषों की दूरी पर,
क्यों घर ए मुकाम होता है|
तेरी दुनिया में कैंसा यह,
उल्टा काम होता है,उल्टा काम होता है|

दुर्गेश कुमार सराठे

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