नया साल
यह गया एक बर्ष हमारा
इसका विश्लेषण कर ले
आगे क्या करना है अब
उसका तू अन्वेषण कर ले
क्या खोया क्या पाया है
इसका तू मंथन कर ले
यह बर्ष लौटकर न आयेगा
जिसको हमने आज गवाया है
अरे यह एक बर्ष गया जीवन का
देख जरा क्या खोया क्या पाया है
जो खोया है उसे छोड़ ,जो पाना है
उसे स्वयं को अर्पण कर ले
यह गया एक बर्ष हमारा
इसका तू विश्लेषण कर ले
हमने यह बर्ष दिया जीवन को
अगला बर्ष हमारा है
समय चला यह दिन दिन कर
जीवन घटा हमारा है
क्या पाना है, उसे पकड़
स्वयं को समय अश्व पर रोहण कर ले
यह गया एक बर्ष हमारा
इसका विश्लेषण कर ले
दुर्गेश कुमार सराठे
Umda
ReplyDeleteधन्यवाद भैया
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