मित्रों का होना

ज़िन्दगी जीने के लिए
एक मित्र जरूरी होता है
मिल पायें अच्छे मित्र
ऐसा कभी-कभी ही होता है
मतलब की खातिर मित्र बनाने वाले
क्या जाने याराना क्या होता है
निश्वार्थ भाव से औरों की खातिर,
अपना शीश कटाना क्या होता है
अपने दुख में रोने वाले
क्या जाने औरों की खातिर रोना क्या होता है
स्वयं के दुख को तुच्छ समझ,
औरों के दुख में आँखें नम हो जाना क्या होता है
एक मित्रता ही इस जग में
जीवन राह बनाती है
एक मित्रता ही तो है इस जग में
जो लड़कर भी बैर भुलाती है
जिन्हे मिला नही है अब तक
एक अच्छा मित्र
वे अकेले रहने वाले
क्या जाने मित्रों का मिल पाना क्या होता है

दुर्गेश कुमार सराठे

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