आशावादिता

🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞
🌄तम का सीना चीर डालो 🌄
बाधाओ को तुम मीड़ डालो
लक्ष्य को जहन में बसाकर
दुर्गम राहों पर दौड़-दौड़ कर
🌜अपने पैरों से लकीर डालो
🌁 बाधाऔ से लड़ने में 🌁
ताकत बढ़ती हैं मन की
बाधाऔ से लड़कर ही
थकाबट मिटती है तन की
तुम थका-थका इन बाधाऔ को
अपने पथ से दूर डालो
🌋बिपरीत परिस्थिति से हीतो
मानव-मानव होता है
कीचड़ में रहकर ही तो
पंकज लालिमा से पूरण होता है
जो धारा से उल्टे चलकर जाता है
वह निश्चित ही कुछ कर पाता है
इन कठिन समस्याओं को
उर में न स्थान बनाने दो
द्वारपाल सा काम करो
इन्हें न उर में आने दो
चिन्ताओं को बाहर फेंको
🌊खुद को आशाओं के सागर में
🌅गोता खूब लगाने दो 🌅
      📖रचियेता📖
🙏दुर्गेश कुमार सराठे 🙏
29/08/2017

Comments

Popular posts from this blog

चिमनी

बचपन का मित्र

हे भगवान बनवा दो पटवारी