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हे भगवान बनवा दो पटवारी

पढ़े लिखे ठलुओ को खुश खबरी आई भारी सबरे कह रह हे भगवान हमे अब तो बनवा दो पटवारी बहुत दिनों से बैठे थे खत्म हुई इंतजार की पारी हे भगवान अब तो हमें बनवा दो पटवारी अतिथि शिक्षक ब...

कुण्डलिया छन्द

बड़े-बड़े सब शासन कर रहे, ऐसी जा बेईमानी नेता सबरे राजा हो गये, जनता भर रही पानी जनता भर रही पानी, लोकतंत्र का कैंसा खेल परिभाषा पलटी लोकतंत्र की, यह कैंसा वेमेल कह दुर्गेश लो...

मुझे क्या बना डाला

ये जिंदगी मैंने तुझसे क्या मांगा था तूने मुझे क्या दे डाला अच्छा खासा मिलनसार था तूने एकांत बासी कैंसा मुझे बना डाला पहले खिला-खिला रहता था जो दिल में होता कह देता था पर तू...

चाय

यह एक चाय दिलों को जोड़ा करती है यह एक चाय द्विवेषो को तोड़ा करती है यह एक चाय रसानंद का रुख मोड़ा करती है यह एक चाय टूटे हुए को जोड़ा करती है कभी बैठकर तो पियो मित्रों के संग ...

यार जब हम बड़े हो जायेंगे

यह दोस्तों का बुद्धू कहना हर वक्त एक दूजे की टांग खींचते रहना यह एक दूजे को हर कुछ कह देना दोस्त के हाथों से पानी की बॉटल छीन कर पानी पी लेना दोस्त अगर पानी की बॉटल लाये मगर उस...

चिड़िया

एक चिड़िया एक दिन मेरे आँगन में आई पता नहीं वह मुझे देखकर क्यों विचकती पंख फड़फड़ाई सायद वह मुझे देखकर डर गई थी पर उसने अपनी चालाकी पूरी-पूरी मुझे दिखाई जब मैं उसे दाना देन...

पेड़ की व्यथा

अरे भइया मेरो का दोष हतो, जो तूने मोहे निपटा दओ| मैंने तोहे मोड़ा-मोड़ी समझो, तू मेहे काट-कूट के ले गओ| मैनें तोहे अपने फल दे दये, तू पत्ता तक ले गओ| तूने मेरी लकड़ी काटी, और अब जड़े ...